Moral Short Stories

शीतल पानी – Short Moral Story In Hindi

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Written by Abhishri vithalani

शीतल पानी – Short Moral Story In Hindi

सुंदरता और प्रतिभा में से कौन बड़ा है? आपको क्या लगता है? इस कहानी ( शीतल पानी – Short Moral Story In Hindi ) में चाणक्य ने एक उदाहरण देकर उसी के बारे में बात कि है।

चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री चाणक्य प्रतिभावान तो थे लेकिन बदसूरत थे। एक बार चंद्रगुप्त ने उनसे मजाक किया, महामंत्री जी, कितना अच्छा होता अगर आप प्रतिभावान होने के साथ-साथ सुंदर भी होते तो?

इस प्रश्न का जवाब चाणक्य के बदले महारानी ने दे दिया। वह बोली, महाराज रूप तो मात्र मृगतृष्णा है। वस्तुत: किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसके रूप के कारण नहीं बल्कि उसकी प्रतिभा के कारण ही किया जाता है।

महारानी आप तो रूप की प्रतिमूर्ति है। क्या कोई ऐसा भी उदाहरण है की गुण के आगे रूप का कोई महत्व न हो? चंद्रगुप्त ने पूछा। इस बार चाणक्य बोले – महाराज! आप एक की बात करते है, ऐसे तो अनेक उदाहरण है। लीजिये आप पहले शीतल जल पीजिये।

चाणक्य ने चंद्रगुप्त की ओर दो गिलास क्रमश: बढ़ा दिए और पूछा, महाराज! आपको कौन से गिलास का पानी अच्छा लगा? पहले गिलास में स्वर्ण कलश का पानी था और दूसरे गिलास में मिट्टी से निर्मित मटके का।

चंद्रगुप्त बोले मुझे तो मिट्टी से निर्मित मटके का पानी शीतल व् सुस्वादु लगा। उस पानी से मैं तृप्त हो गया। स्वर्ण कलश का पानी तो पीने योग्य भी नहीं था लेकिन विवशता थी कि मुझे वह पानी पीने को दिया गया। अत: न चाहते हुए भी मुझे पानी पीना पड़ा।

महारानी ने मुस्कुराते हुए कहा, महाराज! प्रधानमंत्री ने बुद्धि कौशल से आपके प्रश्न का उत्तर दे दिया है। स्वर्णनिर्मित कलश देखने में तो सुंदर लगता है किन्तु उसका जल पीने योग्य नहीं होता। दूसरी तरफ मिट्टी से बना मटका देखने में भले सुंदर न लगे लेकिन उसका पानी शीतल व् सुस्वादु होता है। अब आप ही निर्णय कीजिये कि सुंदरता व् प्रतिभा में से कौन बड़ा है?

चंद्रगुप्त मौर्य अच्छे से समझ गए कि गुण का मूल्य रूप के मूल्य से कई ज्यादा होता है।

Moral : किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसके रूप के कारण नहीं बल्कि उसकी प्रतिभा के कारण ही किया जाता है।

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Abhishri vithalani

I am a Hindi Blogger. I like to write stories in Hindi. I hope you will learn something by reading my blog, and your attitude toward living will also change.

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