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अच्छा और बुरा – Inspirational Story In Hindi

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Written by Abhishri vithalani

अच्छा और बुरा – Inspirational Story In Hindi

ये Story ज़िंदगी में हमारे साथ जो कुछ भी अच्छा और बुरा होता है हमें उस Situation को कैसे संभालना चाहिए उसके बारे में है ।

रवि और दीपक अच्छे दोस्त थे । वो दोनों एक दिन कुछ काम होने की वजह से शहर जा रहे थे । शहर का कोई पक्का रास्ता नहीं था उसलिए वे दोनों जंगल के इलाके से गुजरते हुए शहर जा रहे थे । गर्मी बहुत होने के कारन वो दोनों बिच – बिच में थोड़ा आराम करने के लिए रुकते थे और फिर आगे बढ़ते थे ।

उन दोनों ने अपने साथ खाने – पिने के चीजे भी रखी थी । दोपहर को जब दोनों दोस्तों को भूख लगी तो दोनों ने एक जगह पर बैठकर खाना खाने का सोचा । दोनों जब साथ में खाना खा रहे थे तभी उन दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया ।

झगड़ा इतना बढ़ गया की रवि ने दीपक को थप्पड़ मार दिया । थप्पड़ खाने के बाद भी दीपक रवि को कुछ नहीं बोला । दीपक ने जंगल में से एक लकड़ी का छोटा टुकड़ा उठाया और फिर उससे मिटटी पर लिख दिया की ” आज मेरे पक्के दोस्त ने मुझे एक थप्पड़ मारा ” ।

कुछ देर के बाद दोनों फिर से शहर जाने के लिए निकल पड़े । उस झगड़े के कारन दोनों एक – दूसरे से बात नहीं कर रहे थे और शहर की तरफ आगे बढ़ रहे थे । आगे बढ़ते – बढ़ते दीपक जिसने थप्पड़ खाया था उसकी चीखने की आवाज आयी वो दलदल में गलती से बुरी तरह फँस गया था ।

रवि ने देखा की उसका दोस्त बुरी तरह इस दलदल में फँस गया है । रवि ने तुरंत उसकी मदद की और उसे दलदल में से बहार निकाल दिया । इस बार भी दीपक कुछ भी नहीं बोला । दीपक ने उधर से एक पथ्थर लिया और उस पथ्थर से एक पेड़ के तने पर लिख दिया की ” आज मेरे पक्के दोस्त ने मुझे बचाया ” ।

दीपक को ऐसा करते हुए देखकर रवि से रहा नहीं गया और उसने तुरंत दीपक से पूछा की , जब मेने तुम्हे थप्पड़ मारा था तभी तुमने मिटटी पर लिखा था और अब जब मेने तुम्हारी जान बचाई तो तुमने पेड़ के तने पर लिखा ऐसा क्यों ?

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दीपक ने जवाब दिया की जब तुमने मेरे साथ बुरा किया था तभी मेंने मिटटी पर लिख दिया क्योकि में उस बात को अपने मन में अंदर तक नहीं बैठाना चाहता था और में ऐसा मानता हु की उस मिटटी की तरह ही वो बुरी बात मेरे मन में से निकल जाए ।

जब तुमने मेरे साथ अच्छा किया तभी मेने वो बात पेड़ के तने पर लिख दी क्योकि में उस बात को हमेशा के लिए अपने मन में रखना चाहता हु और हमारी दोस्ती को इतनी गहराई से मन में बसाना चाहता हु की हमारी दोस्ती कभी भी खतम न हो पाए ।

जिंदगी में अच्छा और बुरा तो होता रहता है । ज़िंदगी उसी का नाम है ! हम उस परिस्थिति को कैसे सँभालते है वो ज्यादा मह्त्वपूर्ण होता है ।

जब हमारे साथ कुछ बुरा होता है तभी हमें उसे मन में से निकाल देना चाहिए और जब भी कुछ अच्छा हो तो उसे ज़िंदगी भर के लिए मन में बसा लेना चाहिए ।

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Abhishri vithalani

I am a hindi blogger. I like to write stories in hindi. I hope that by reading my blog you will definitely get to learn something and your attitude of living will also change.

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