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समस्या का हल – Short Story In Hindi

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Written by Abhishri vithalani

समस्या का हल – Short Story In Hindi

गाँव में एक बुजुर्ग रहते थे । गाँव के सारे लोग हर बार अपनी कुछ ना कुछ समस्या का हल निकालने के लिए उनके पास आते थे । वो भी हर बार गाँव के लोगो को अच्छे से समस्या का हल और मार्गदर्शन देते थे ।

एक दिन एक व्यक्ति उस बुजुर्ग के पास आता है और उनसे पूछता है की मुझे आप ये बताओ की आखिर हम अपनी Life में खुश कैसे रह सकते है ? सारी समस्या का हल आखिर होता क्या है ?

उन्होंने उस व्यक्ति को बोला की तुम मेरे साथ जंगल में चलो, मैं तुम्हे खुश रहने का राज़ बताता हु । उस व्यक्ति ने बोला की अच्छा ठीक है और वो दोनों जंगल की तरफ चलने लगे । रास्ते में बुजुर्ग ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति से कहा की तुम इस पत्थर को पकड़ो और आगे चलो । वो व्यक्ति उस भारी पत्थर को लेकर चलने लगा ।

काफी देर तक इस भारी पत्थर को लेकर चलने से उस व्यक्ति के हाथो में दर्द होने लगा । दर्द होने के बावजूद भी वो काफी देर तक पत्थर को उठाकर चलता था । कुछ देर के बाद उनके हाथो में तेज दर्द होने लगा ।

अब वो दर्द असहनीय था उसलिए उसने बुजुर्ग से कहा की मुझे तेज दर्द हो रहा है । उस बुजुर्ग ने कहा की पत्थर को निचे रख दो । पत्थर को निचे रख देने से उस व्यक्ति को बड़ी राहत मिली । अब वो अच्छा महसूस कर रहे थे ।

तभी बुजुर्ग ने कहा की यही ये खुश रहने का राज । उस व्यक्ति ने कहा की मुझे पता नहीं चला आप क्या कहना चाहते हो । उस बुजुर्ग ने समजाते हुए कहा की जैसे इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोडा सा दर्द होता है , अगर इसे हम एक घंटे तक हाथो में रखें तो उससे थोडा ज्यादा दर्द होता है ।

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अगर हम इसे और ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे तो दर्द भी ज्यादा बढ़ता जायेगा । उसी तरह दुखों के बोझ को जितने ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे उतने ही ज्यादा हम दु:खी और निराश रहेंगे । ये सिर्फ हम पर निर्भर करता है की हम अपने दुखों को एक मिनट के लिए उठाकर रखते है या फिर कई घंटो ,सप्ताहो , महीनो , सालो तक उठाकर रखते है । अगर हमें खुश रहना हो तो हम अपने दुखरूपी पत्थर को जल्दी से निचे रख सकते है ।

हमें अपनी Life में खुश रहना है या दुखी ये और कोई नहीं बल्कि हम खुद ही Decide करते है । हम अपनी Life में खुश या दुखी जो भी है वो और किसी की वजह से नहीं बल्कि हमारे अपने निर्णय की वजह से ही होते है । हम किसी को खुश लगने से या फिर अच्छा बोलने से नहीं पर अपने आप को समझने की वजह से ही खुश होते है ।

  • Whatever happens in life is only 1%, the rest 99 % is our reaction

हमारी Life में जो भी होता है वो तो सिर्फ 1% ही होता है बाकि 99% तो हमारा Reaction ही होता है ।

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Abhishri vithalani

I am a hindi blogger. I like to write stories in hindi. I hope that by reading my blog you will definitely get to learn something and your attitude of living will also change.

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