Moral Short Stories

मंदबुद्धि – Short Moral Story In Hindi

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Written by Abhishri vithalani

मंदबुद्धि – Short Moral Story In Hindi

ये कहानी ( मंदबुद्धि – Short Moral Story In Hindi ) है एक लड़के की जिसे स्कूल में सब मंदबुद्धि कहकर बुलाते थे । वो पढ़ने में बहुत कमजोर था उसलिए सभी बच्चे उसे बहुत चिढ़ाते थे ।

दिप आठमी क्लास में पढता था । वो पढाई में बहुत ज्यादा कमजोर था । स्कूल में सभी बच्चे उसे मंदबुद्धि बुलाकर चिढ़ाते थे । वो पढ़ने में कमजोर था उसलिए उसके सारे अध्यापक भी उससे नाराज थे ।

बच्चे दिप का मजाक उड़ाने का कोई मौका नहीं गवाते थे । इसी वजह से दिप को स्कूल जाना अच्छा नहीं लगता था । वो जैसे ही स्कूल में जाता वैसे ही बच्चे उस पर हंसने लगते थे ।

कोई उसे मंदबुद्धि तो कोई उसे महा मूर्ख कहता था और कुछ तो उसे मूर्खो का राजा भी कहते थे । इस सब से वो बहुत परेशान रहता था और एक दिन उसने ये फैसला ले लिया की में अब स्कूल नहीं जाऊंगा ।

घरवालों के बहुत समजाने के बावजूद भी उसने किसी की बात नहीं सुनी और उसने स्कूल जाना ही छोड़ दिया । अब वो सारा दिन इधर-उधर भटकता रहता था और अपना समय बर्बाद करता था ।

एक दिन वो कही घूम रहा था तभी उसे प्यास लगी । वहा से घर का रास्ता थोड़ा दूर था इसलिए दिप ने इधर-उधर पानी खोजना शुरू कर दिया । थोड़ा ढूढ़ने के बाद उसको एक कुआं दिखाई देता है ।

वो वहा पर गया और उसने कुएं से पानी खींच कर अपनी प्यास बुझाई । कुएं से पानी खींच कर निकालने में उसकी सारी ऊर्जा खर्च हो जाती है और वो बहुत थक जाता है । वो पानी पीने के बाद वहीं पर बैठ जाता है ।

वहा पर बैठे बैठे उसकी नज़र पत्थर पर पड़े उस निशान पर गई जिस पर बार-बार कुएं से पानी खींचने की वजह से रस्सी का निशान बन गया था ।

वो अब सोचने लगा की जब बार-बार पानी खींचने से इतने कठोर पत्थर पर भी रस्सी का निशान पड़ सकता है तो लगातार मेहनत करने से मुझे भी विद्या प्राप्त हो सकती है ।

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दिप ने ये बात अपने मन में सोच ली की अब वो वापिस स्कूल जाना शुरू कर देगा । उसने फिर से स्कूल जाना शुरू भी कर दिया । बच्चे पहले की तरह उसका मजाक उड़ाते रहे लेकिन दिप को इस बात से अब कोई फर्क नहीं पड़ता था । वो अथक परिश्रम किया करता था ।

धीरे – धीरे उसकी मेहनत और लगन को देखकर सभी अध्यापकों ने भी उसका सहयोग किया और वो कुछ समय बाद क्लास में टॉप करने लगा । बड़ा होकर यही लड़का एक अच्छा डॉक्टर बना ।

Moral : कठिन परिश्रम और धैर्य के साथ लगातार मेहनत करने से हम अपनी किसी भी कमजोरी पर जित हांसिल कर सकते हैं ।

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Abhishri vithalani

I am a hindi blogger. I like to write stories in hindi. I hope that by reading my blog you will definitely get to learn something and your attitude of living will also change.

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