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Hindi Inspirational Story – चाबी और हथौड़ा

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Written by Abhishri vithalani

चाबी और हथौड़ा – Hindi Inspirational Story

इस कहानी ( Hindi Inspirational Story – चाबी और हथौड़ा ) में एक पिताजी अपने बेटे को चाबी और हथौड़े का उदाहरण देकर वास्तविक जीवन की सच्चाई के बारे में समजाते है ।

शहर में केतुलभाई की एक पुरानी ताले की दूकान थी । उनकी दुकान पर लोग ताला-चाबी खरदीने के लिए आते थे और कई बार चाबी खो जाने पर लोग डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए भी आते थे । केतुलभाई की दुकान में एक भारी हथौड़ा भी था जो कभी – कभी ताले तोड़ने के लिए काम आता था ।

एक दिन केतुलभाई का 12 साल का बेटा दूकान में आया था । वो अपने पापा को काम करते हुए ध्यान से देख रहा था । एक ग्राहक डुप्लीकेट चाबी बनाने के लिए आया था । केतुलभाई ने उस ग्राहक को डुप्लीकेट चाबी बनाकर दे दी । थोड़ी देर के बाद एक दूसरा ग्राहक आया और उस ग्राहक का ताला तोड़ने के लिए केतुलभाई ने हथौड़े का इस्तेमाल किया ।

केतुलभाई का बेटा ये सब ध्यान से देख रहा था । उसने अपने पापा से पूछा की , पापा आखिर इन छोटी-छोटी चाबियों में कौन सी खूबी है जो इतने मजबूत तालों को बड़ी आसानी से खोल देती है जबकि हथौड़े को वही ताला खोलने के लिए प्रहार करना पड़ता हैं ?

केतुलभाई ने उसे समझाया की , बेटा हथौड़ा ताला खोलने के लिए अपने बल का उपयोग करता है , ताले पर प्रहार करता है , ताले पर जोर-जबरदस्ती करता है ,  हथौड़े का इस्तेमाल करने से कभी भी ताला खुलता नहीं है वो तो टूट जाता है , जबकि जब हम ताले को चाबी से खोलते है तब हमें उस पर प्रहार करने की कोई जरुरत नहीं होती है , चाबी ताले के अंदर जाकर अपनी जगह बनाकर , बिना किसी प्रहार के उसको आराम से खोल देती है ।

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पिताजी ने अपने बेटे को ये भी समझाया की हमारे वास्तविक जीवन में भी ऐसा ही होता है । अगर हम किसी भी इंसान को सचमुच जितना चाहते हैं तो हमें उस व्यक्ति के हृदय में प्रेम पूर्वक चाबी की तरह उतरना पड़ता है । जोर-जबरदस्ती करने से हम कोई भी काम कर तो सकते है किन्तु वो ताले को खोलता नहीं है बल्कि उसे हथौड़े की तरह तोड़ देता है ।

जब हम आसानी से चाबी की तरह काम पूरा कर सकते है तब हमें हथौड़े की तरह जोर-जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए । जो चीज़ बल से प्राप्त की जा सकती है उसे प्रेम से भी प्राप्त किया जा सकता है , किन्तु जो चीज़ प्रेम से प्राप्त की जा सकती है उसे बल से नहीं प्राप्त किया जा सकता ।

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Abhishri vithalani

I am a hindi blogger. I like to write stories in hindi. I hope that by reading my blog you will definitely get to learn something and your attitude of living will also change.

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