Motivational

Hindi Motivational Kahani – फैसला

hindi-motivational-kahani-faisla
Written by Abhishri vithalani

Hindi Motivational Kahani – फैसला

लाइफ में सही समय पर सही फैसला लेना बहुत जरुरी होता है । अगर हमने गलत फैसला ले लिया तो बाद में पछताने के सिवा हमारे पास और कुछ नहीं बचता है । ये कहानी ( Hindi Motivational Kahani – फैसला ) भी उसी के बारे में है ।

एक सात साल का बच्चा अपने पापा के साथ सुपरमार्केट में शॉपिंग करने के लिए जाता है । जब शॉपिंग करते करते वो Toys  Section के करीब पहुंचे तब बच्चे का मन खिलौनों देखकर मचल जाता है ।

बच्चे ने अपने पापा से कहा की पापा आप मुझे ये कार लेकर दो न प्लीज पापा ! उसके पापा ने कहा अच्छा ठीक है बेटा तुम ये कार ले लो । बच्चे ने फटाफट कार ले ली और वो ख़ुशी के साथ आगे बढ़ने लगा ।

चार – पांच कदम आगे बढ़ने के बाद बच्चे की नजर डायनासौर पर गई और उसने पापा से कहा की पापा आप मुझे ये डायनासौर लेकर दो न , मुझे कार नहीं चाहिए । पापा को गुस्सा आता है और वो गुस्से में बच्चे से कहते है की हमारे पास ज्यादा समय नहीं है , सुपरमार्केट बंद होने वाला है , तुम्हे जो भी लेना हो वो तुम जल्दी से ले लो और यहाँ से चलो ।

बच्चे ने कार वापस रख दी और उसने डायनासौर ले लिया । पापा ने बेटे का हाथ पकड़ा और वो दोनों आगे चलने लगे । जैसे ही वो थोड़े आगे चले की बच्चे ने पापा से कहा पापा ये देखो Remote Control Helicopter ! पापा प्लीज आप मुझे ये Remote Control Helicopter लेने दो ना , मुझे डायनासौर नहीं लेना है ।

पापा ने बेटे से कहा की बेटा आप जल्दी से जल्दी कोई खिलौना पसंद कर लो और यहाँ से चलो । हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं है । बच्चे ने कहा हां पापा में लेकर आता हु । बच्चा कुछ पलों तक इधर-उधर दौड़ता रहा और यही सोचता रहा कि ये लूँ कि वो ? लेकिन वो Decide नहीं कर पाया की उसे क्या लेना है ।

तभी सुपरमार्केट की कुछ Lights बंद होने लगी और सभी Customers को बाहर निकलने के लिए कहा जाने लगा । पापा गुस्से में थे और उन्होंने अपने बेटे को गोद में उठाया और बाहर निकल पड़े ।

बच्चा रोता रोता बहार निकल गया । बच्चा मन में यही सोच रहा था की काश मेने कोई Toy पसंद कर लिया होता तो मुझे आज ऐसे खली हाथ नहीं जाना पड़ता ।

निराशा – Short Story In Hindi

तैयारी – Motivational Story In Hindi

Hindi Story For Children With Moral – अंदर की आवाज

कई बार लाइफ में हमारे साथ भी उस बच्चे के साथ हुआ वैसा होता है । हम सभी उस बच्चे के जैसे है और ये दुनिया खिलौनों की एक दूकान है । हमारे सामने हर तरह के ढेरों खिलौने मौजूद हैं और उनमे से हमें कोई एक पसंद करना होता है ।

लाइफ के अलग अलग Stages में हमें Choices मिलती है और हमें उन सभी में से किसी एक को पसंद करना होता है । कभी हमें Education , कभी हमें Job , कभी Business तो कभी हमें Relationship choose करने का Option मिलता है । बहुत सारे लोग यही सोचने में अपना मौका गवा देते है की में ये Choose  करू या फिर वो ।

Education मे में ये Stream मे जाऊ या फिर दूसरी Stream मे । इस कंपनी मे जॉब करू या फिर उस कंपनी मे , ये Business करू या फिर कोई दूसरा , इससे शादी करू या फिर उससे ? इस सब के चक्कर मे कुछ करने का हमारा टाइम निकल जाता है और बाद मे उस बच्चे की तरह पछताना पड़ता है ।

हमें ये बात अच्छे से याद रखनी चाहिए की कोई भी फैसला ना लेने से अच्छा है कोई ग़लत फैसला लेना ! हमें जब भी लाइफ मे कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना होता है तब हमें  फैसले को लम्बे समय तक टालने की बजाय अपनी परिस्थिति और अपने ज्ञान के मुताबित सही फैसला ले लेना चाहिए ।

अगर आपको हमारी Story ( Hindi Motivational Kahani – फैसला ) अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ भी Share कीजिये और Comment में जरूर बताइये की कैसी लगी हमारी Story ।

About the author

Abhishri vithalani

I am a hindi blogger. I like to write stories in hindi. I hope that by reading my blog you will definitely get to learn something and your attitude of living will also change.

Leave a Comment